Senior Citizen Benefits September: 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिकों के लिए सितंबर 2025 की शुरुआत बड़ी राहत और सुविधाओं के साथ हुई है। सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई नई योजनाएं और नियम लागू किए हैं, जिनका लाभ 60+, 70+ और 75+ आयु वर्ग के लोग उठा सकते हैं। ये सुविधाएं न केवल उनके जीवन को बेहतर बनाएंगी, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देंगी। इस लेख में हम ऐसे ही आठ बड़े लाभों की चर्चा करेंगे जो वरिष्ठ नागरिकों को अब सितंबर से मिलना शुरू हो चुके हैं।
स्वास्थ्य बीमा लाभ
सरकार और बीमा कंपनियों ने अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए खास हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लॉन्च किए हैं जिनमें 60 से 80 वर्ष तक की उम्र के लोगों को बिना मेडिकल टेस्ट के बीमा दिया जाएगा। पहले जहां 65 की उम्र के बाद इंश्योरेंस पाना मुश्किल होता था, अब 75 वर्ष तक के नागरिक भी आसानी से योजनाओं में शामिल हो सकते हैं। बीमा की राशि 5 लाख से लेकर 20 लाख तक तय की जा सकती है, और इसमें पहले से मौजूद बीमारियों को कवर करने की सुविधा भी दी जा रही है। आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाएं भी अब अधिक उम्र तक लागू रहेंगी।
बैंकों में विशेष सुविधा
सरकारी और निजी बैंक अब वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज दर पर फिक्स्ड डिपॉजिट की सुविधा दे रहे हैं। 60 साल से ऊपर के खाताधारकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज दिया जा रहा है। इसके अलावा बैंक शाखाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर, प्राथमिकता सेवा और मुफ्त पासबुक अपडेट जैसी सहूलियतें दी जा रही हैं। जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक है, उन्हें घर से बैंकिंग सेवा का लाभ भी मिलेगा जिसमें बैंक प्रतिनिधि उनके घर आकर कार्य निपटाते हैं।
आयकर में छूट
वरिष्ठ नागरिकों को आयकर नियमों में बड़ी राहत मिल रही है। 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले नागरिकों के लिए आयकर छूट की सीमा ₹3 लाख, जबकि 80 वर्ष से ऊपर वालों के लिए यह सीमा ₹5 लाख तक है। यानी इन वर्गों को इस आय तक कोई टैक्स नहीं देना होता। साथ ही, उन्हें आईटीआर भरने में भी कुछ विशेष रियायतें दी जाती हैं, जैसे फॉर्म-1 में आसानी से रिटर्न भरना, मेडिकल खर्च पर अतिरिक्त छूट और बिना TDS की पेंशन मिलने की सुविधा। यह बदलाव उनके वित्तीय प्रबंधन को सरल और लाभकारी बनाते हैं।
ट्रेनों में आरक्षण लाभ
भारतीय रेलवे लंबे समय से वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रियायतें देता रहा है। पुरुष वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर 40% और महिलाओं को 50% की छूट दी जाती है। इसके अलावा, ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग कोटा आरक्षित होता है, जिससे उन्हें कंफर्म टिकट मिलने में प्राथमिकता दी जाती है। हाल ही में सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह छूट फिर से पूरी तरह लागू की जाएगी, जो कोविड काल में अस्थायी रूप से बंद की गई थी। 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले यात्रियों के लिए व्हीलचेयर और स्टेशन पर विशेष सहायता की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बस सेवा में रियायत
राज्य सरकारें अब वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में यात्रा पर रियायतें दे रही हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे राज्यों में 60 साल से ऊपर के यात्रियों को टिकट पर 50% तक छूट मिल रही है। कुछ राज्य सरकारें 75 वर्ष से अधिक उम्र वालों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी दे रही हैं। इसके लिए पहचान पत्र और उम्र प्रमाण पत्र दिखाना आवश्यक है। इसके अलावा, बस स्टैंड पर प्राथमिकता टिकट खिड़की और बैठने की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है ताकि उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े।
पेंशन और ब्याज लाभ
EPS-95 और अन्य पेंशन योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 75 वर्ष से अधिक उम्र वालों को अतिरिक्त ₹500 से ₹1000 तक मासिक लाभ दिया जाएगा। जिनका कोई नियमित आय स्रोत नहीं है, उनके लिए राज्य सरकारें वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत ₹1000 से ₹2500 तक मासिक पेंशन दे रही हैं। पोस्ट ऑफिस स्कीम्स और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम्स में भी ब्याज दरें 8% से अधिक तय की गई हैं, जिससे उन्हें नियमित और सुरक्षित आय का स्रोत मिल सके।
अस्पताल में प्राथमिकता
सरकारी और कई निजी अस्पतालों में अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से काउंटर, प्राथमिक चिकित्सा सेवा और नि:शुल्क परामर्श जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। AIIMS, जिला अस्पताल और कुछ प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 70 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए विशेष “वरिष्ठ नागरिक ओपीडी” का संचालन किया जा रहा है। 75 वर्ष से ऊपर वालों को कुछ दवाएं और जांच मुफ्त दी जा रही हैं। इसके अलावा, होम विजिट डॉक्टर्स और मोबाइल क्लिनिक जैसी सेवाएं अब तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, जिससे बुजुर्गों को इलाज के लिए बाहर निकलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
डिजिटल सुविधा में बढ़ोतरी
अब वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने में आसानी हो रही है। बैंकिंग, पेंशन सत्यापन, मेडिकल अपॉइंटमेंट, ऑनलाइन टिकट बुकिंग आदि में फेस आईडी, ओटीपी रहित लॉगिन और वीडियो केवाईसी जैसी सहूलियतें दी जा रही हैं। उमंग, आरोग्य सेतु और जीवन प्रमाण जैसे ऐप्स को वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाया जा रहा है ताकि उन्हें तकनीकी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। साथ ही, सरकार ‘डिजिटल साक्षरता अभियान’ चला रही है जिससे अधिक उम्र के लोग स्मार्टफोन और ऑनलाइन सेवाओं का प्रयोग करना सीख सकें।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई सभी योजनाएं और लाभ विभिन्न सरकारी घोषणाओं, समाचार रिपोर्टों और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर आधारित हैं, जो समय और स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी योजना के अयोग्य ठहराए जाने, लाभ में विलंब या किसी प्रकार की आर्थिक हानि के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे। सभी लाभ नियम व शर्तों के अधीन हैं।